सोशल मीडिया और भारतीय संगीत – एक नई क्रांति

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 सोशल मीडिया और भारतीय संगीत – एक नई क्रांति

परिचय
भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा सदियों से चली आ रही है, लेकिन सोशल मीडिया ने इसे एक नया मंच और नई उड़ान दी है। पहले जहाँ संगीत के प्रसार के लिए रेडियो, टेलीविज़न और लाइव कॉन्सर्ट प्रमुख माध्यम थे, वहीं अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक और ट्विटर ने कलाकारों और श्रोताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित कर दिया है।


कैसे सोशल मीडिया भारतीय संगीत को बदल रहा है?

1. कलाकारों को नया मंच

पहले उभरते कलाकारों को अपनी पहचान बनाने के लिए बड़े मंचों की जरूरत होती थी। लेकिन अब सोशल मीडिया पर कोई भी अपनी कला को प्रदर्शित कर सकता है और लाखों-करोड़ों लोगों तक पहुँच सकता है। इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और फेसबुक लाइव जैसे फीचर्स ने भारतीय संगीत को ग्लोबल स्तर पर पहुँचाया है।

2. लोकसंगीत और शास्त्रीय संगीत को नई पहचान

पहले लोकसंगीत और शास्त्रीय संगीत केवल विशेष आयोजनों तक सीमित रहते थे, लेकिन अब सोशल मीडिया के कारण ये भी लोकप्रिय हो रहे हैं। वर्करी भजन, गज़ल, ध्रुपद, खयाल और ठुमरी जैसी शैलियों को युवा पीढ़ी भी सुनने और सीखने लगी है।

3. कलाकार और श्रोताओं के बीच सीधा संवाद

पहले कलाकारों और श्रोताओं के बीच की दूरी अधिक थी, लेकिन अब सोशल मीडिया के जरिए संगीत प्रेमी सीधे अपने पसंदीदा गायकों और वादकों से बातचीत कर सकते हैं। लाइव सेशंस, कमेंट सेक्शन और डीएम (डायरेक्ट मैसेज) के जरिए कलाकार अपने प्रशंसकों से जुड़ रहे हैं।

4. ऑनलाइन संगीत शिक्षा और कार्यशालाएँ

अब संगीत सीखना आसान हो गया है। कई बड़े गुरु और कलाकार यूट्यूब और इंस्टाग्राम के माध्यम से संगीत सिखा रहे हैं। ऑनलाइन कक्षाओं और कार्यशालाओं के कारण संगीत की शिक्षा पहले से अधिक सुलभ हो गई है।

5. भारतीय संगीत का वैश्विक प्रसार

सोशल मीडिया ने भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोकप्रिय बना दिया है। विदेशी कलाकार भी अब भारतीय रागों पर प्रयोग कर रहे हैं और शास्त्रीय संगीत की गहराई को समझ रहे हैं।


क्या हैं सोशल मीडिया के कुछ नुकसान?

  • शॉर्ट वीडियो ट्रेंड के कारण संगीत की गहराई और धैर्यपूर्ण अभ्यास कम हो रहा है।
  • ऑडियंस का ध्यान आकर्षित करने के लिए कई कलाकार संगीत की गुणवत्ता की बजाय ट्रेंड्स पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं।
  • कॉपीराइट और ओरिजिनलिटी की समस्या बढ़ रही है।

निष्कर्ष

सोशल मीडिया भारतीय संगीत के लिए एक वरदान की तरह है, जिसने नए कलाकारों को पहचान दी और संगीत की पहुँच को वैश्विक स्तर पर बढ़ाया। हालाँकि, इसका सही उपयोग और संगीत की मूल भावना को बनाए रखना आवश्यक है।

अगर आप भी संगीत प्रेमी हैं, तो सोशल मीडिया पर अपने पसंदीदा कलाकारों को सपोर्ट करें, शास्त्रीय और लोकसंगीत को बढ़ावा दें और भारतीय संगीत की इस अद्भुत यात्रा का हिस्सा बनें।


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