संगीत और स्वास्थ्य

0

संगीत और स्वास्थ्य

संगीत और स्वास्थ्य 


 नादब्रह्म चराचरमें स्थित है। नाद शरीर के बाहर भी है और शरीर के अंदर भी श्रवण प्रणाली के माध्यम से जो ध्वनि हमें सुनाई देती है वह "आहत नाद" है और जो ध्वनि हमारे शरीर में होती है लेकिन हम उसे सुन नहीं पाते है वह "अनाहत नाद" है। यह अनाहत ध्वनि, रक्त परिसंचरण, कोशिका प्रजनन और मृत्यु, दिल की धड़कन, पांच महत्वपूर्ण प्राणों की गति आदि की गतिविधियों के कारण उत्पन्न होती है। जो तपस्वी हैं, वे इस अनाहत ध्वनि को समाधि की अवस्था में सुन सकते हैं। इस ध्वनि को सुनकर प्राचीन काल के ऋषियों ने वाद्य यंत्रों का निर्माण किया। इसमें वीणा, ताल, मृदंग, चिपला शामिल हैं।एक व्यक्ति खुशी, दुःख आदि भावनाओं को व्यक्त करने के लिए गाता है, वाद्य यंत्र बजाता है या नृत्य करता है। अपने आप को अभिव्यक्त करना एक स्वाभाविक क्रिया और एक जीवन कीआवश्यकता भी है। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को अभिव्यक्त नहीं करता है, तो वह अंदर ही अंदर दुःखी हो जाता है और अपना मानसिक स्वास्थ्य खो देता है। अकेलेपनका दुःख महसुस करता है। अभिव्यक्ति के इस उद्देश्य से "ललित कलाओं" का जन्म हुआ। इसमें पेंटिंग, मूर्तिकला, कविता, डिझाइन और संगीत शामिल हैं। ये ललित कलाएं व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा रखती हैं। संगीत एक ऐसी कला है जो न केवल मानव मन से बल्कि पशु-पक्षियों के मन से भी जुड़ी है। संगीत कला अभिव्यक्ति का एक अच्छा और स्वस्थ तरीका है। संगीत गायन, वादन और नृत्य का संयुक्त आविष्कार है। ये कलाएं मनुष्य को सुख देती हैं। सकारात्मक विचारों को बढ़ावा देता है।लता मंगेशकर' का एक ही गीत एक अलग दुनिया में ले जाता है और सांसारिक दुनिया केदुखों को भुला देता है। पंडित भीमसेन जोशी का एक अभंग व्यक्ति को उच्च आध्यात्मिक सुख देता है। संतूर, सरोद, सतार, वायलिन, सारंगी की ध्वनि कानों में पड़ते ही मन शांत हो जाता है. मन में धैर्य और साहस का निर्माण होता है, चिंता और भ्रम का नाश होता है। संक्षेप में यह जीवन में शांति लाता है।


संगीत जगत ई-जर्नल आपके लिए ऐसी कई महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ लेके आ रहा है। हमसे फ्री में जुड़ने के लिए नीचे दिए गए सोशल मीडिया बटन पर क्लिक करके अभी जॉईन कीजिए।

संगीत की हर परीक्षा में आनेवाले महत्वपूर्ण विषयोंका विस्तृत विवेचन
WhatsApp GroupJoin Now
Telegram GroupJoin Now
Please Follow on FacebookFacebook
Please Follow on InstagramInstagram
Please Subscribe on YouTubeYouTube

Post a Comment

0 Comments
Post a Comment (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top